IMD Alert – भारत के कई राज्यों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान और महाराष्ट्र के लिए तगड़ा अलर्ट जारी कर दिया है। अगले कुछ दिनों में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है, जिससे किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। कई जिलों में बादल छाए रहने के साथ तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो चुका है, जिसके प्रभाव से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तेज हवाएं 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। इसके साथ ही बिजली गिरने का खतरा भी बढ़ गया है, इसलिए खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने को कहा गया है। अचानक बदलते मौसम का असर फसलों, ट्रैफिक और दैनिक जीवन पर भी देखने को मिल सकता है।
किन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा
IMD के अनुसार उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों, मध्य प्रदेश के उत्तरी क्षेत्रों, बिहार के कई जिलों और राजस्थान के कुछ इलाकों में तेज बारिश और ओले गिरने की अधिक संभावना है। महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कई जगहों पर दिन में धूप निकलने के बाद शाम को मौसम अचानक खराब हो सकता है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग ने विशेष रूप से किसानों को सावधान रहने की सलाह दी है, क्योंकि खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है। गेहूं, सरसों और चने की फसल इस समय तैयार अवस्था में है, ऐसे में तेज हवाएं और ओलावृष्टि भारी नुकसान पहुंचा सकती है। स्थानीय प्रशासन को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है और आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।
तापमान में आएगी गिरावट
आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। खासकर रात का तापमान तेजी से कम होगा, जिससे हल्की ठंड एक बार फिर लौट सकती है। दिन में बादल छाए रहने के कारण धूप कम निकलेगी और कई जगहों पर कोहरा या धुंध भी देखने को मिल सकता है। पहाड़ी इलाकों में हल्की बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है, जिसका असर मैदानी राज्यों के मौसम पर पड़ेगा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने तक मौसम अस्थिर बना रहेगा। इससे सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार के मामलों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है और जरूरत पड़ने पर गर्म कपड़े पहनने को कहा गया है।
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। अगर बाहर जाना जरूरी हो तो छाता या रेनकोट साथ रखें और खुले स्थानों में मोबाइल फोन का इस्तेमाल कम करें, क्योंकि बिजली गिरने का खतरा रहता है। तेज हवा के दौरान कच्चे मकानों, पेड़ों और पुराने भवनों से दूरी बनाकर रखें। वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, खासकर हाईवे पर तेज हवाओं और बारिश के कारण विजिबिलिटी कम हो सकती है। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों से कहा गया है कि मवेशियों को खुले में न बांधें और उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखें। बिजली चमकने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को प्लग से निकाल देना भी सुरक्षित माना जाता है ताकि शॉर्ट सर्किट से बचा जा सके।
किसानों के लिए विशेष सलाह
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि मौसम खराब होने से पहले कटाई के लिए तैयार फसलों को सुरक्षित स्थान पर रख लें। यदि संभव हो तो खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था करें ताकि बारिश से जलभराव न हो। सब्जी और बागवानी करने वाले किसान पौधों को प्लास्टिक कवर से ढक सकते हैं जिससे ओलावृष्टि से नुकसान कम होगा। पशुपालकों को भी अपने पशुओं को शेड के अंदर रखने की सलाह दी गई है। मौसम साफ होने के बाद ही खेतों में कीटनाशक या खाद का छिड़काव करें, क्योंकि बारिश में दवा का असर कम हो जाता है। किसानों को स्थानीय कृषि विभाग या मौसम विभाग की अपडेट पर नजर रखने की भी सलाह दी गई है ताकि समय रहते सही निर्णय लिया जा सके और आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।








