SBI, PNB, BOB, Canara में बदल गए बैंक के 5 बड़े नियम | अब सबकुछ बदल गया | Bank Update 2026

SBI, PNB, BOB, Canara

Bank Update 2026 – साल 2026 की शुरुआत के साथ देश के बड़े सरकारी बैंकों SBI, PNB, Bank of Baroda और Canara Bank ने ग्राहकों की सुरक्षा, डिजिटल लेन-देन और बैंकिंग सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव किए हैं। इन नए नियमों का सीधा असर बचत खाता, एटीएम उपयोग, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और केवाईसी प्रक्रिया पर पड़ेगा। अब बैंकिंग सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल और सुरक्षित बनाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि फ्रॉड और धोखाधड़ी की घटनाओं को कम किया जा सके। बैंक ग्राहकों को भी सलाह दे रहे हैं कि वे अपने मोबाइल नंबर, आधार और पैन की जानकारी अपडेट रखें, क्योंकि कई सेवाएं अब ओटीपी और ई-वेरिफिकेशन से जुड़ गई हैं। जिन ग्राहकों ने लंबे समय से खाता अपडेट नहीं किया है, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए यह बैंक अपडेट हर ग्राहक के लिए जानना बेहद जरूरी हो गया है।

केवाईसी अपडेट और आधार-पैन लिंकिंग अब अनिवार्य

बैंकों ने केवाईसी नियमों को और सख्त कर दिया है। अब सभी ग्राहकों को समय-समय पर अपना KYC अपडेट कराना जरूरी होगा, अन्यथा उनका खाता अस्थायी रूप से फ्रीज किया जा सकता है। यदि खाते में आधार और पैन लिंक नहीं है तो ट्रांजैक्शन, ऑनलाइन पेमेंट, यूपीआई और चेक क्लियरेंस जैसी सेवाएं रुक सकती हैं। बैंक शाखा जाने के अलावा अब ग्राहक वीडियो-केवाईसी के माध्यम से भी घर बैठे प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। नए नियमों के अनुसार बैंक ग्राहक को पहचान सत्यापन के लिए लाइव फोटो और ओटीपी वेरिफिकेशन करना होगा। इससे नकली खातों और फर्जी ट्रांजैक्शन पर रोक लगेगी। जिन लोगों के खाते निष्क्रिय हैं उन्हें भी दोबारा सक्रिय कराने के लिए केवाईसी करवाना अनिवार्य होगा।

एटीएम निकासी और चार्ज से जुड़े नए बदलाव

एटीएम उपयोग को लेकर भी बड़े बदलाव किए गए हैं। अब महीने में फ्री एटीएम ट्रांजैक्शन की सीमा तय कर दी गई है और उससे अधिक निकासी पर अतिरिक्त शुल्क लगेगा। दूसरे बैंक के एटीएम से पैसे निकालने पर पहले की तुलना में ज्यादा चार्ज देना पड़ सकता है। साथ ही रात के समय बड़े अमाउंट की निकासी पर अतिरिक्त ओटीपी वेरिफिकेशन लागू किया गया है ताकि धोखाधड़ी रोकी जा सके। कई बैंकों ने बिना कार्ड कैश निकासी सुविधा भी शुरू कर दी है जिसमें मोबाइल ऐप से कोड जनरेट करके पैसा निकाला जा सकता है। यह सुविधा सुरक्षित मानी जा रही है और कार्ड क्लोनिंग जैसी समस्याओं से बचाव करती है।

ऑनलाइन बैंकिंग और यूपीआई ट्रांजैक्शन की नई सुरक्षा

डिजिटल बैंकिंग को सुरक्षित बनाने के लिए बैंकों ने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन पर नए सिक्योरिटी लेयर लागू किए हैं। अब बड़े अमाउंट के ट्रांसफर पर अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन, जैसे ऐप पिन या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जरूरी होगा। यूपीआई पेमेंट करते समय भी लाभार्थी का नाम दिखेगा ताकि गलत खाते में पैसा ट्रांसफर न हो। नए डिवाइस से लॉग-इन करने पर ग्राहक को ई-मेल और एसएमएस अलर्ट मिलेगा और बैंक की अनुमति के बिना पेमेंट नहीं हो पाएगा। इसके अलावा बैंक संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत खाता ब्लॉक भी कर सकते हैं। इन नियमों का मकसद ग्राहकों की मेहनत की कमाई को साइबर अपराधियों से सुरक्षित रखना है।

न्यूनतम बैलेंस और निष्क्रिय खाते के नियम

न्यूनतम बैलेंस को लेकर भी कई बदलाव लागू किए गए हैं। यदि खाते में तय सीमा से कम राशि रहती है तो बैंक पेनल्टी लगा सकता है। साथ ही दो साल तक कोई लेन-देन नहीं होने पर खाता डॉर्मेंट घोषित किया जा सकता है। ऐसे खातों से एटीएम और ऑनलाइन सेवाएं बंद हो जाती हैं और उन्हें दोबारा चालू कराने के लिए शाखा में जाकर पहचान सत्यापन करना होगा। बैंक अब ग्राहकों को एसएमएस और कॉल के माध्यम से पहले ही सूचना देने लगे हैं ताकि वे समय रहते अपना खाता सक्रिय रख सकें। ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे समय-समय पर छोटी राशि का ट्रांजैक्शन करते रहें और मोबाइल नंबर अपडेट रखें, इससे भविष्य में किसी भी प्रकार की बैंकिंग परेशानी से बचा जा सकता है।

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